विकास शुल्क के नाम पर जनता पर आर्थिक भार डालना असहनीय- श्योराण


हिसार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ इनेलो नेता जितेंद्र श्योराण ने शहरी जनता पर विकास शुल्क के रूप में आर्थिक भार थौंपने पर कड़ा रोष जताया है। श्योराण ने कहा कि पहले ही कोरोना महामारी के चलते लोग आर्थिक महंगाई की मार का सामना कर रहे हैं, वहीं अब कलेक्टर रेट पर पांच प्रतिशत विकास शुल्क लगाकर उन पर ओर अधिक आर्थिक भार डाल दिया है, जो उनके लिए पूरी तरह से असहनीय है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री एवं हिसार के विधायक डॉ कमल गुप्ता का यह उपकार हिसार की जनता कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए शहर के लोगों को विश्वास था कि आगामी वार्षिक बजट में उन्हें कुछ राहत मिलेगी, लेकिन बजट से पहले ही निकाय विभाग ने विकास शुल्क एक करने के नाम पर उनपर ओर अधिक आर्थिक भार डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले यह शुल्क केवल वैध कॉलोनियों पर ही लागू था, लेकिन अब विभाग ने इसे शहर की सभी वैध कॉलोनियों पर भी इसे लागू कर दिया है। इससे शहर निवासियों पर बिना वजह भार पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि महंगाई को देखते हुए शहरी निकाय विभाग अपने इस फैसले को वापस ले, अन्यथा हिसार संघर्ष समिति लोगों के साथ मिलकर कोई भी बड़ा कदम उठाने पर मजबूर हो जाएगी।


 

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